गंगापुर की नंद बिहार कॉलोनी निवासी ममता तिवारी और गुरुग्राम बेस्ट मुंबई निवासी मिथिलेश तिवारी के बीच चल रहे घरेलू हिंसा व भरण-पोषण विवाद में जिला अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।
जानकारी के अनुसार, ममता तिवारी ने घरेलू हिंसा के आरोपों के साथ भरण-पोषण हेतु निचली अदालत में वाद दायर किया था। मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत ने पति मिथिलेश तिवारी को 40 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने का आदेश दिया था।
बाद में पत्नी ने अपने पुत्र के भरण-पोषण के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त दिलाने की मांग करते हुए पुनः याचिका दायर की। इस पर पति ने आर्थिक असमर्थता जताते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी की अदालत में अपील प्रस्तुत की।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात अदालत ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत का आदेश प्रभावी रहेगा। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि पांच हजार रुपये की अतिरिक्त मांग को 40 हजार रुपये की निर्धारित मासिक राशि में ही समायोजित किया जाए।
अदालत के इस निर्णय से जहां भरण-पोषण की मूल राशि बरकरार रही, वहीं याचिकाकर्ता पति को आंशिक राहत मिली है। मामले को लेकर क्षेत्र में कानूनी हलकों में चर्चा बनी हुई है।




