गदरपुर में पाबंदी के बावजूद ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई, नर्सरी नष्ट करने पहुंची प्रशासनिक टीम का विरोध; किसानों ने 6 मार्च तक अनुमति न मिलने पर स्वयं हटाने का दिया शपथ पत्र

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गदरपुर में ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी पर प्रशासन की कार्रवाई, विरोध के बीच किसानों ने दिया शपथ पत्र

गदरपुर। जिलाधिकारी द्वारा ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर लगाई गई पाबंदी के बावजूद क्षेत्र में धान की नर्सरी बोए जाने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम मदनपुर और बरीराई में कार्रवाई की। इस दौरान प्रशासन को ग्रामीणों के तीव्र विरोध का भी सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार ग्राम मदनपुर में लगभग 0.151 हेक्टेयर भूमि पर तैयार की गई ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी को टीम ने मौके पर नष्ट कर दिया। साथ ही पौध रोपण के लिए रखा गया करीब एक कुंतल धान का बीज भी जब्त कर लिया गया। इसके बाद टीम ग्राम बरीराई पहुंची, जहां करीब 0.405 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई धान की पौध को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की गई।

कार्रवाई के दौरान स्थानीय किसानों और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी बहस भी हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई, जबकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकालीन धान की अनुमति केवल उन क्षेत्रों में दी जाती है, जहां भूमि दलदली हो और अन्य कोई फसल उगाना संभव न हो।

स्थिति को देखते हुए किसानों ने सहायक कृषि अधिकारी अनिल अरोड़ा को लिखित शपथ पत्र सौंपा। शपथ पत्र में किसानों ने उल्लेख किया कि यदि छह मार्च तक शासन स्तर से ग्रीष्मकालीन धान की अनुमति प्राप्त नहीं होती है, तो वे स्वयं नर्सरी नष्ट कर देंगे या प्रशासन द्वारा कराई गई कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं करेंगे।

प्रशासन की ओर से किसानों से अपील की गई है कि बिना अनुमति ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई न करें। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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