उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह घने कोहरे के कारण भीषण सड़क हादसा हो गया। बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन संख्या 127 के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 96 लोग झुलसकर घायल हो गए हैं। हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई और आगरा टोल प्लाजा पर तीन से चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
जानकारी के मुताबिक घने कोहरे के चलते 7 बसों, एक रोडवेज बस और 3 से 4 कारों के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर के बाद वाहनों में भीषण आग लग गई। बसें धूं-धूं कर जलने लगीं, जिससे कई यात्री अंदर ही फंस गए। आग इतनी भयावह थी कि आसपास का इलाका दहल उठा।
हादसे की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी, पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
अब तक मृतकों में से केवल तीन की पहचान हो सकी है, जिनमें अखिलेंद्र (44) निवासी प्रयागराज, रामपाल (76) निवासी दिल्ली और सुल्तान (75) निवासी गोंडा शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान डीएनए जांच के माध्यम से की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधा वल्लभ ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम गठित कर दी गई है।
हादसे को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दे दिए हैं। चार सदस्यीय जांच समिति को 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक सड़क हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि अयोध्या से दिल्ली की ओर जा रही बस घने कोहरे के कारण हादसे का शिकार हुई, जिसके बाद पीछे से आ रहे अन्य वाहन भी आपस में टकरा गए और आग लग गई। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।




