:मनरेगा नाम परिवर्तन के विरोध में कांग्रेस का धरना

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदले जाने के विरोध में आज समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर लालकुआं में धरना-प्रदर्शन किया। धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेसियों का कहना है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के रोजगार और सम्मान से जुड़ा कानून है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और यूपीए सरकार ने मजबूती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम और उनकी विचारधारा को योजनाबद्ध तरीके से समाप्त करना चाहती है।

धरने के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और राष्ट्रपति के नाम तहसील प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपने की चेतावनी भी दी गई। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मनरेगा का नाम बदलने का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बाइट 1 – वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नंदन दुर्गापाल:
“मनरेगा गरीबों के जीवन की रीढ़ है। भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ती है, इसलिए योजनाओं के नाम बदले जा रहे हैं। कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”
बाइट 2 – वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र खानवाल:
“मनरेगा ने गांव के मजदूरों को रोजगार और सम्मान दिया। इसका नाम बदलना देश की जनता की भावना के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस सड़क से सदन तक इसका विरोध करेगी।”



