उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम के खुलासे और वनन्तरा रिसॉर्ट पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर हुए नए बयानों के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम के खुलासे के बाद बुधवार को रुद्रपुर में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीडी चौक पर भाजपा सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु गावा, पूर्व नगर अध्यक्ष सीपी शर्मा, कांग्रेस नेता मीना शर्मा, नगर अध्यक्ष ममता रानी सहित महिला कांग्रेस की पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम दुष्यन्त गौतम उर्फ गट्टू बताए जाने और भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड द्वारा वनन्तरा रिसॉर्ट पर बुलडोजर कार्रवाई को स्थानीय विधायक के इशारे पर किए जाने के खुलासे से साफ हो गया है कि इस मामले में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी संलिप्त है।
जिला अध्यक्ष हिमांशु गावा ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस वीआईपी के नाम को उजागर करने में पूरी तरह विफल रही और मामले को जानबूझकर उलझाया गया। कांग्रेस नेता मीना शर्मा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने, अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि जब तक सच सामने नहीं आता, आंदोलन जारी रहेगा।




