2027 से पहले भाजपा की बड़ी रणनीति, दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जल्द; क्षेत्रीय-सामाजिक संतुलन साधने के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी तेज

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उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी संगठन को धार देने की रणनीति पर काम कर रही है और अब सबकी नजरें दायित्वधारियों की अगली सूची पर टिकी हैं।

राजधानी देहरादून से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जल्द जारी होने की चर्चा है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी संकेत दिए हैं कि सूची अंतिम चरण में है और होली से पहले कभी भी जारी की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक कुल 27 पदों के लिए नाम तय किए जा रहे हैं, जिनमें पहले चरण में 12 से 14 नाम घोषित हो सकते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार नीरज कोहली के हवाले से बताया जा रहा है कि सूची लगभग फाइनल है। पार्टी कार्यकर्ताओं और दावेदारों में इसे लेकर लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों ने भी राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

अब तक सरकार करीब 70 कार्यकर्ताओं को विभिन्न दायित्व दे चुकी है, जिनमें 45 गढ़वाल और 25 कुमाऊं क्षेत्र से हैं। सामाजिक संतुलन को साधते हुए राजपूत, ब्राह्मण, ओबीसी, एससी, एसटी, मुस्लिम, पंजाबी, बनिया और किन्नर समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए चार नेताओं को भी इस सूची में स्थान मिल सकता है, जिनमें एक पूर्व कैबिनेट मंत्री का नाम चर्चा में है। वरिष्ठ नेता ज्योति प्रसाद गैरोला भी इस प्रक्रिया को संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देख रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सूची सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी समीकरणों की आधारशिला साबित हो सकती है। फिलहाल सबकी नजरें पार्टी मुख्यालय पर टिकी हैं।

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