हरिद्वार पुलिस ने ‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत एक सराहनीय कार्य करते हुए पिछले एक साल में 320 से अधिक गुमशुदा और बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। इस उपलब्धि के चलते हरिद्वार पुलिस ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
हरिद्वार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने गंगा स्नानों और मेलों के दौरान अपनों से बिछड़ गए बच्चों और वयस्कों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान कई भावुक पल भी देखने को मिले, जब छोटे बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
(SSP हरिद्वार, प्रमेंद्र डोबाल):
“ऑपरेशन स्माइल के अंतर्गत हमने पिछले एक साल में 320 गुमशुदा लोगों को तलाशा है। पुलिस मुख्यालय देहरादून में 8 अप्रैल को इस अभियान की समीक्षा की गई, जिसमें हरिद्वार को प्रदेश में सर्वोच्च स्थान मिला।”
साल 2015 से शुरू हुए इस ऑपरेशन के तहत जून 2024 तक कुल 5,981 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है, जिसमें 2,951 बच्चे, 1,721 महिलाएं और 1,309 पुरुष शामिल हैं।
उत्तराखंड जैसे धार्मिक और पर्यटन राज्य में इस तरह की पहल बेहद जरूरी है, जहां देश-विदेश से लोग आते हैं और कई बार अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं। ऑपरेशन स्माइल के माध्यम से उत्तराखंड पुलिस ने कई परिवारों में मुस्कान लौटाई है।
सच में, हरिद्वार पुलिस की यह पहल सराहना के काबिल है, जिसने ना सिर्फ गुमशुदा लोगों को ढूंढा, बल्कि सैकड़ों परिवारों को फिर से जोड़ा।




