रुद्रपुर, संवाददाता। बंगाली कल्याण समिति उत्तराखण्ड के बैनर तले शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बंगाली समाज ने काला रिबन बांधकर सांकेतिक धरना दिया। समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप अधिकारी के नेतृत्व में समाज के लोगों ने सरकार पर वर्षों से उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि उत्तराखण्ड में करीब 4 लाख की जनसंख्या वाले इस समुदाय की मूलभूत सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही।
धरना स्थल पर अध्यक्ष दिलीप अधिकारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें उठाई गईं। इनमें नामोशूद्र, पोंडा और माझी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने, नई शिक्षा नीति के तहत बंगला भाषा को शैक्षणिक विषय में शामिल करने, वर्षों से बंद पड़ी “श्री गुरु चांद ठाकुर स्मृति छात्रवृत्ति योजना” को पुनः शुरू करने, 14 अगस्त 2023 को घोषित रुद्रपुर में बंग भवन का निर्माण कार्य शुरू कराने और बंगाली समाज के बच्चों को छात्रवृत्ति दिलाने की मांग शामिल रही।
समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि बार-बार प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अनुसूचित जाति दर्जे की प्रक्रिया लंबित है। वहीं, बंग भवन की घोषणा को दो साल बीत चुके हैं लेकिन भूमि आवंटन तक नहीं हुआ। धरने पर उपस्थित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




