रुद्रपुर/काशीपुर/गदरपुर।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर शनिवार को उधम सिंह नगर जिले के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस का आक्रोश फूट पड़ा। रुद्रपुर, काशीपुर और गदरपुर में एक साथ हुए प्रदर्शन, धरना-प्रदर्शन और रैलियों में कांग्रेस ने सीबीआई जांच, कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग को दोहराया।
रुद्रपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे उग्र नजर आया। कलेक्ट्रेट कूच के दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कांग्रेसी कलेक्ट्रेट परिसर में घुस गए और डीएम कार्यालय के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठियां भी भांजी, लेकिन भारी भीड़ के आगे सुरक्षा घेरा ध्वस्त हो गया। विधायक तिलकराज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं से अभद्रता की और हत्याकांड के असली दोषियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वीआईपी का खुलासा नहीं होगा, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
उधर, काशीपुर में एआईसीसी सदस्य व प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा और महानगर अध्यक्ष अलका पाल के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि तीन साल बीतने के बावजूद अंकिता को न्याय नहीं मिला है। सरकार पर प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई। महिलाओं और वरिष्ठ नेताओं की बड़ी भागीदारी के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
गदरपुर में भी कांग्रेस ने महाजनसभा और आक्रोश रैली निकालकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि आरोपियों के नाम सामने होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे का खुला मजाक बताया। जनसभा में विभिन्न विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भाग लिया और “अंकिता के हत्यारों को फांसी दो” के नारे लगाए।
तीनों स्थानों पर कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।




