हल्द्वानी– साइबर ठगों ने हल्द्वानी के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को दिल्ली क्राइम ब्रांच व सीबीआई अधिकारी बनकर ऐसा जाल में फंसाया कि उनसे 20 लाख रुपये तक ठग लिए। ठगों ने व्हट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार डराने-धमकाने की रणनीति अपनाई और खुद को सरकारी एजेंसियों से जुड़ा बताकर पीड़ित को भयभीत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अब साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नरसिंह बाड़ी, बडी मुखानी, हल्द्वानी निवासी 80 वर्षीय धन सिंह विष्ट ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 7 दिसंबर की सुबह लगभग 12 बजे उनके मोबाइल नंबर पर +917209517329 नंबर से एक महिला की व्हॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम सुनीता कुमारी बताते हुए खुद को दिल्ली के दरियागंज स्थित क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि पीड़ित के आधार कार्ड का दुरुपयोग किया जा रहा है और उनके नाम से दिल्ली में केनरा बैंक का एक खाता खोलकर मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है। महिला ने उन्हें कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की धमकी देकर भयभीत कर दिया।
महिला ने निर्देश दिया कि जांच पूरी होने तक वह किसी से बात न करें और घर से बाहर न जाएं। उसी दिन पीड़ित को परिवार में रामनगर के छोई में एक शादी में शामिल होना था, लेकिन ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए लगातार नियंत्रित करते हुए उन्हें समारोह में जाने से रोक दिया। भयभीत बुजुर्ग उनकी सभी बातों में फंसते चले गए।
अगले दिन 8 दिसंबर को महिला ने कथित जांच के नाम पर पीड़ित से उनके बैंक खातों की पूरी जानकारी मांगी। निर्देश दिया गया कि उनकी सभी धनराशि की जांच की जाएगी और जांच पूरी होते ही वापस कर दी जाएगी। ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने एसबीआई कुसुमखेड़ा शाखा में अपने दो फिक्स डिपॉजिट तुड़वाए और लगभग 20 लाख रुपये अपने बचत खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
इसके बाद व्हॉट्सऐप वीडियो कॉल पर ठगों ने पीड़ित को ICICI Bank के एक खाते में रकम भेजने को कहा—खाता संख्या 435205500188, IFSC ICIC0004752, खाता धारक डॉ. संजय बजारे (RESHAPE CLINIC)। ठगों ने इसे “जांच खाता़” बताते हुए रकम जमा कराने का दबाव बनाया। अत्यधिक दहशत में आए पीड़ित 9 दिसंबर को एसबीआई शाखा गए और आरटीजीएस के माध्यम से पूरे 20 लाख रुपये उक्त खाते में ट्रांसफर कर दिए।
उसी शाम जब पीड़ित शादी समारोह में पहुंचे तो उनकी विचित्र मानसिक स्थिति देखकर परिजनों को शक हुआ। पूछताछ करने पर पीड़ित ने पूरी कहानी बताई। इसके बाद परिजनों ने तुरंत उन्हें साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़ित ने उसी समय शिकायत नंबर 33512250022274 पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में पीड़ित ने थाना मुखानी में भी लिखित सूचना दी, जिसकी रिसीविंग उनके पास है। थाना मुखानी पुलिस ने पीड़ित को साइबर क्राइम थाने, कुमाऊं परिक्षेत्र रुद्रपुर में रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु निर्देशित किया।
तहरीर में पीड़ित ने बताया कि 7 से 9 दिसंबर तक ठग लगातार वीडियो कॉल पर बने रहे और खुद को ईडी व सीबीआई का अधिकारी बताकर उन्हें नियंत्रित करते रहे। कंप्यूटर नेटवर्क का दुरुपयोग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कुल 20,00047.20 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
पीड़ित ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाए। तहरीर के साथ बैंक स्टेटमेंट, व्हॉट्सऐप चैट व कॉल स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए गए हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद साइबर थाना रुद्रपुर ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस बार-बार इस तरह के मामलों में सचेत रहने और किसी भी अनजान कॉल पर गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा किसी भी अधिकारी के नाम पर डराने वालों से सतर्क रहने की अपील कर रही है।



