रुद्रपुर। आवास विकास क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला द्वारा अपने ही देवर और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता राजबाला जैन पत्नी स्व. रामपाल उर्फ पवन कुमार जैन, निवासी ईडब्ल्यूएस–405 आवास विकास रुद्रपुर ने आरोप लगाया है कि उनके स्वामित्व वाले मकान के भूतल पर न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जबरन कब्जा कर लिया गया है, जबकि पुलिस ने उन्हें संरक्षण देने के बजाय उल्टा धमकाया।
राजबाला जैन का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से उक्त मकान में रह रही हैं। उन्होंने अपने देवर सुरेश जैन और उसके परिवार को मानवीय आधार पर बिना किराये के अपने मकान में रहने दिया था। आरोप है कि बाद में लालचवश सुरेश जैन की नीयत मकान पर खराब हो गई और उसने नगर निगम की कूड़ा पर्चियों के आधार पर अपने नाम से विद्युत कनेक्शन करा लिया, जबकि मकान की रजिस्ट्री, दाखिल–खारिज और विद्युत कनेक्शन पहले से ही राजबाला जैन के नाम पर दर्ज हैं। इस प्रकरण में विद्युत विभाग द्वारा सुरेश जैन को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
पीड़िता के अनुसार सुरेश जैन ने जिला न्यायालय, उधम सिंह नगर में सिविल वाद दाखिल कर एकपक्षीय रूप से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश प्राप्त कर लिया। जानकारी मिलने पर राजबाला जैन ने अधिवक्ता नियुक्त कर न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए भूतल पर ताले लगा दिए। आरोप है कि 1 मई 2025 को सुरेश जैन ने कथित रूप से कुछ असामाजिक तत्वों के माध्यम से ताले तोड़कर कब्जे का प्रयास किया, जिसे 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस ने विफल कराया।
महिला का आरोप है कि 14 नवंबर 2025 को फिर से न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए कब्जे की कोशिश की गई, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस चौकी और उच्च अधिकारियों को स्पीड पोस्ट से साक्ष्यों सहित दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि 19 दिसंबर 2025 को आवास विकास चौकी के एक दरोगा की कथित मिलीभगत से सुरेश जैन परिवार ने मशीन से ताले कटवाकर जबरन भूतल में प्रवेश कर लिया और इस दौरान उनके पति के साथ हाथापाई भी की गई, जिसकी वीडियो फुटेज उपलब्ध है।
राजबाला जैन ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने कब्जा हटवाने के बजाय उन्हें ही धमकाया और कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह अपने वृद्ध पति के साथ अकेली रहती हैं और इस पूरे घटनाक्रम से मानसिक रूप से टूट चुकी हैं।
पीड़िता ने प्रेस के माध्यम से प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि यदि उन्हें या उनके पति को कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मी की होगी।




