रुद्रपुर। उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के संज्ञान लेने के बाद एक इंटर कॉलेज प्रबंधन हरकत में आ गया है। कॉलेज प्रबंधन ने कोतवाली रुद्रपुर में तहरीर देकर अपने ही शिक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि शिक्षक के उत्पीड़न से आहत होकर कक्षा-12 की एक पूर्व छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा गर्भवती थी और इसी कारण उसने 22 मई को अपनी जान दे दी।
इस प्रकरण को लेकर सबसे पहले एक शिकायती पत्र आयोग व उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कॉलेज प्रबंधन को मामले की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। कॉलेज प्रबंधन ने अपने स्तर पर एक जांच समिति का गठन किया, जिसने छात्राओं से बातचीत की। कई छात्राओं ने नाम उजागर न करने की शर्त पर लिखित बयान भी दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं एक अस्थायी शिक्षक पहले ही कॉलेज छोड़ चुका है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को कहा गया है। कॉलेज प्रबंधन ने अब इस मामले में औपचारिक रूप से तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। तहरीर के साथ छात्रा के विद्यालयी अभिलेख, आयोग और शिक्षा विभाग से संबंधित पत्राचार की प्रतियां भी पुलिस को सौंपी गई हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए तहरीर का अध्ययन कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है। यह मामला शिक्षा जगत में हड़कंप मचाने वाला साबित हो रहा है।



