रूद्रपुर। कोतवाली रूद्रपुर क्षेत्र से कथित फर्जी डॉक्टर की घोर लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। भूरारानी निवासी रमेश शर्मा ने कोतवाली रूद्रपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उनके पुत्र अंशुल शर्मा की मौत गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण हुई है।
पीड़ित पिता के अनुसार, 24 जुलाई 2025 को उनका पुत्र अंशुल शर्मा सर्दी-जुकाम के इलाज के लिए भूरारानी में भंजू राम स्कूल के पास संचालित डॉक्टर गुरदीप के क्लीनिक पर गया था। आरोप है कि डॉक्टर गुरदीप ने स्वयं को एमबीबीएस डिग्रीधारी चिकित्सक बताया और जांच के बाद अंशुल को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही अंशुल बेहोश हो गया, उसके मुंह से झाग आने लगा और शरीर नीला पड़ गया।
परिजनों का कहना है कि क्लीनिक में कोई आपात सुविधा मौजूद नहीं थी और हालत बिगड़ने पर डॉक्टर मौके से फरार हो गया। गंभीर अवस्था में अंशुल को पहले नारायण अस्पताल रूद्रपुर, फिर राममूर्ति अस्पताल भोजीपुरा और बाद में फोर्टिस अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया, जहां 30 जुलाई 2025 की रात करीब 10:15 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर गुरदीप बीते 15 वर्षों से अवैध रूप से क्लीनिक चला रहा है और पहले भी उसके इलाज से मरीजों की मौत हो चुकी है। मृतक के पिता ने मामले में साक्ष्य मिटाने की आशंका जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।




