खूनी संघर्ष में बड़ा मोड़: अवैध प्लॉटिंग विवाद पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष समेत छह पर क्रॉस मुकदमा, दोनों पक्षों की तहरीर पर जांच तेज

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हरिद्वार।

कनखल थाना क्षेत्र के नूरपुर पंजनहेड़ी गांव में हुए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस ने क्रॉस मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी अतुल चौहान की पत्नी की तहरीर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान समेत छह नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

तहरीर में अतुल चौहान की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उनके पति लंबे समय से क्षेत्र में बागों की अवैध कटाई और कृषि भूमि पर हो रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन व हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण से शिकायतें कर रहे थे। इस संबंध में उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की थी। इसी वजह से भू-माफिया और उनसे जुड़े लोगों से उनकी रंजिश चल रही थी।

उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2024 को अतुल चौहान को सुरक्षा देने के आदेश भी पारित किए थे। इसके बावजूद 28 जनवरी 2026 को खसरा संख्या 154 और 158 ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी में हो रही अवैध प्लॉटिंग की पैमाइश के लिए तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों ने अतुल चौहान को सुबह करीब 10:15 बजे मौके पर बुलाया।

आरोप है कि अतुल चौहान अपने भतीजे तरुण चौहान के साथ कार से मौके पर पहुंचे, जहां पहले से मौजूद अमित चौहान, सचिन चौहान, कृष्णपाल उर्फ नानू, शोभित चौहान, सहदेव और 5–6 अज्ञात लोग लाठी-डंडों, पिस्टल और तमंचों से लैस थे। हमलावरों ने कार को घेरकर जान से मारने की नीयत से हमला किया। कार से उतरते ही दोनों पर लाठी-डंडों से हमला किया गया और पीछे से छिपकर फायरिंग की गई।

अतुल चौहान की पत्नी का कहना है कि जान बचाने के लिए उनके पति ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जमीन की ओर फायर किया, ताकि हमलावर पीछे हट जाएं। यदि आत्मरक्षा में फायर न किया जाता तो उनकी जान जा सकती थी। घटना के समय प्रशासनिक अधिकारी और कई स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया।

घटना के बाद अतुल चौहान सीधे कनखल थाने पहुंचे और अपनी लाइसेंसी पिस्टल पुलिस के सुपुर्द कर दी। इससे पहले 28 जनवरी को इसी जमीनी विवाद में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान की ओर से अतुल चौहान समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें सचिन चौहान और कृष्णपाल को गोली लगने का आरोप लगाया गया था।

इस मामले में मातृ सदन के संत ब्रह्मचारी सुधानंद का नाम भी शामिल किया गया है। हालांकि, सुधानंद ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनकी ओर से भी कनखल थाने में शिकायत दी गई है, जिस पर पुलिस जांच की बात कह रही है।

एसपी सिटी हरिद्वार अभय सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। मामलों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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