रुद्रपुर।
जनपद में शिक्षा से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने ग्राम कीरतपुर में आनंद बैंक्वेट हॉल के पास देर रात कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से बड़ी मात्रा में संदिग्ध किताबें बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में यह किताबें एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से मिलती-जुलती बताई जा रही हैं, लेकिन उनकी छपाई और गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने रात करीब एक बजे संदिग्ध परिस्थितियों में जा रहे एक ट्रक को रोककर जांच की। ट्रक खोलने पर उसमें बड़ी संख्या में किताबें भरी मिलीं। शुरुआत में इसे सामान्य शैक्षिक सामग्री का परिवहन समझा गया, लेकिन शक होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने जब किताबों की जांच की तो मामला नकली किताबों का प्रतीत हुआ।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि ट्रक में करीब ढाई लाख से अधिक किताबें भरी हुई थीं। इन किताबों की बाजार कीमत लगभग छह से सात करोड़ रुपये आंकी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित गोदाम को भी सीज कर दिया है। हालांकि इस फर्जीवाड़े से जुड़े लोग मौके से फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किताबों के कवर, प्रिंटिंग और अंदर के कंटेंट में कई तकनीकी गड़बड़ियां पाई गई हैं। इससे इनके नकली होने की आशंका और मजबूत हो गई है। विभाग ने पूरे मामले की जानकारी एनसीईआरटी को भी भेज दी है।
बताया जा रहा है कि एनसीईआरटी की विशेषज्ञ टीम सोमवार को रुद्रपुर पहुंचेगी और बरामद किताबों की विस्तृत जांच करेगी। टीम यह तय करेगी कि किताबें पूरी तरह फर्जी हैं या किसी अवैध प्रिंटिंग के माध्यम से तैयार की गई हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करवा दिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। इस पूरे मामले को शिक्षा से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी जांच जारी है।




