देहरादून:
उत्तराखंड के श्रम विभाग में एक बार फिर साइबर अटैक का गंभीर मामला सामने आया है। मंगलवार को श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर साइबर हमला किए जाने की पुष्टि हुई है, जिससे विभाग की कई ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। वेबसाइट के ठप होने से विभागीय कामकाज पर सीधा असर पड़ा है और कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साइबर अटैक की सूचना मिलते ही श्रम विभाग में हड़कंप मच गया।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में सरकारी वेबसाइटों पर साइबर हमले कोई नई बात नहीं हैं। पिछले साल हुए बड़े साइबर अटैक के दौरान प्रदेश का ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया था और सचिवालय समेत तमाम विभागों को सामान्य स्थिति में लौटने में एक सप्ताह से अधिक समय लगा था। ऐसे में श्रम विभाग की वेबसाइट पर हुए ताजा साइबर अटैक ने सरकार की चिंताएं एक बार फिर बढ़ा दी हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह साइबर हमला संभवतः देश के बाहर से किया गया हो सकता है। फिलहाल श्रम विभाग के अधिकारी और आईटी टीम हमले की जांच में जुटी हुई है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हैकर्स ने किस तरह से वेबसाइट को निशाना बनाया और डाटा से किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई है या नहीं।
इस मामले में एक अहम तथ्य सामने आया है कि श्रम विभाग की वेबसाइट प्राइवेट सर्वर पर संचालित होती है। आईटीडीए, जो राज्य सरकार के सभी विभागों के डाटा की सुरक्षा और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालता है, का इस वेबसाइट पर सीधा नियंत्रण नहीं था। इसी कारण यह वेबसाइट आईटीडीए की नियमित निगरानी के दायरे में शामिल नहीं थी।
आईटीडीए में डाटा सेंटर के इंचार्ज राम उनियाल ने बताया कि इस तरह के साइबर हमले समय-समय पर होते रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रम विभाग की वेबसाइट पर हुआ साइबर अटैक आईटीडीए की निगरानी में नहीं था, क्योंकि विभाग ने प्राइवेट क्लाउड से सर्वर लिया हुआ है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस हमले का असर राज्य के अन्य विभागों की वेबसाइटों पर नहीं पड़ेगा।
फिलहाल आईटीडीए की तकनीकी टीम श्रम विभाग को हर संभव टेक्निकल सपोर्ट दे रही है और डाटा को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, लगातार बढ़ते साइबर हमलों ने सरकारी सिस्टम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विदेशी हैकर्स द्वारा हो रहे साइबर अटैक राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।



