📍 सितारगंज:
शहर में संचालित एक साझेदारी फर्म में करोड़ों रुपये के कथित गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 20 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली महिला कारोबारी मीना जिंदल ने फर्म के 50 फीसदी हिस्सेदार पर करीब 31.80 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता मीना जिंदल ने बताया कि वह विधवा हैं और रिश्तेदार मदन लाल गोयल उर्फ मदन लाल अग्रवाल ने उन्हें विश्वास में लेकर गांव मलपुरी में साझेदारी फर्म शुरू कराई थी। फर्म में कुल तीन हिस्सेदार हैं, जिनमें 20, 30 और 50 प्रतिशत की भागीदारी है। 50 फीसदी हिस्सेदार के पास ही फर्म के संचालन की पूरी जिम्मेदारी थी।
मीना जिंदल के अनुसार, उम्र और परिस्थितियों के चलते वह पूरी तरह वर्किंग पार्टनर पर निर्भर थीं। इसी दौरान बैंक से 25 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट पर ब्याज न चुकाने और खाते के गलत संचालन का नोटिस मिलने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
जब उन्होंने फर्म में जाकर स्टॉक और हिसाब-किताब की जानकारी मांगी तो आरोपी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आरोप है कि आरोपी ने करीब 31.80 करोड़ रुपये का गबन कर रकम को निजी उपयोग में लगा दिया। इसके अलावा करीब 2 करोड़ रुपये की देनदारी और 55 लाख रुपये के लोन की भी कोई जानकारी नहीं दी गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि हिसाब मांगने पर आरोपी ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
🗣️ पुलिस का पक्ष:
सीओ बीएस धौनी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
📌 निष्कर्ष:
करोड़ों के इस कथित गबन ने साझेदारी कारोबार की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।



