धर्मनगरी हरिद्वार में इन दिनों एक पालतू तोता चर्चा का विषय बन गया है। शहर की कई दीवारों पर लगे एक गुमशुदा तोते के पोस्टर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हरिद्वार के देवपुरा क्षेत्र निवासी मनोज का यह तोता पिछले एक महीने से लापता है। परिवार उसे खोजने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और अब उन्होंने शहरभर में पोस्टर लगाकर लोगों से मदद की अपील की है। तोते को ढूंढकर लाने वाले को 5000 रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
मनोज का कहना है कि यह तोता उनका पालतू था और ज्यादा उड़ना भी नहीं जानता था। अचानक उड़कर कहीं चला गया, जिससे पूरे परिवार में मायूसी छा गई। उनका अनुमान है कि शायद वह किसी पेड़ या छत पर बैठ गया होगा या किसी ने पकड़ लिया होगा। परिवार को यही उम्मीद है कि यदि किसी ने उनके पोस्टर देखे तो शायद तोते को वापस लौटा देगा।
मनोज ने बताया कि लगभग छह महीने पहले उन्हें यह तोते का बच्चा घायल अवस्था में मिला था। उन्होंने उसे घर लाकर इलाज किया और बहुत प्रेम से पाला। धीरे-धीरे वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया और घर का सदस्य बन गया। उसे घरवालों से बात करना, शब्द दोहराना और शरारतें करना भी आ गया था। मनोज की छोटी बेटी को तोते से सबसे अधिक लगाव था, जो दिनभर उसके साथ खेला करती थी। उसके अचानक गायब होने से बच्ची काफी मायूस है।
परिवार के इस प्रयास ने स्थानीय लोगों और पक्षी प्रेमियों में जिज्ञासा बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी गुमशुदा तोते के पोस्टर चर्चा में हैं। लोग कह रहे हैं कि जहां आज इंसान इंसान से दूर होता जा रहा है, वहीं एक परिवार का पक्षी के प्रति इतना प्रेम समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई जानवर या पक्षी इंसानों के बीच रहने लगता है, तो उससे स्वाभाविक रूप से लगाव हो जाता है। मनोज का परिवार इस लगाव की मिसाल बन गया है। पोस्टर लगवाना, इनाम घोषित करना और लगातार खोज करना इस बात को दर्शाता है कि तोता उनके जीवन का हिस्सा बन चुका था।
परिवार को उम्मीद है कि शहरवासी उनकी मदद करेंगे और उनका प्यारा तोता जल्द ही उनके पास लौट आएगा।


