उत्तराखंड के टिहरी जिले से बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आई है। कुंजापुरी मंदिर दर्शन के लिए गई श्रद्धालुओं की बस सोमवार को खाई में गिर गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसा ऋषिकेश-नरेंद्रनगर मार्ग पर हिंडोलाखाल के पास हुआ, जहां करीब 70 से लेकर 100 मीटर गहरी खाई में बस के गिर जाने से पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह ऋषिकेश से दो बसें श्रद्धालुओं को लेकर कुंजापुरी मंदिर पहुंची थीं। दर्शन के बाद वापसी के दौरान यूके 14 पीए 1769 नंबर की बस में 28 में से लगभग 18 लोग बैठ चुके थे। इसी दौरान जैसे ही चालक ने बस को स्टार्ट किया, वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई यात्री खाई में इधर-उधर छिटक गए। इस बीच SDRF और पुलिस की ओर से बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर SDRF की पांच टीमें—पोस्ट ढालवाला, पोस्ट कोटी कॉलोनी और SDRF मुख्यालय से—तुरंत मौके पर रवाना की गईं। स्थानीय प्रशासन भी तेजी से हरकत में आया। तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल, पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र सिंह भंडारी और थाना प्रभारी संजय मिश्रा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे। वहीं, एएसपी जेआर जोशी ने हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है।
हादसे में मृतकों में चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। घायलों में दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया है। शेष घायलों को सुमन अस्पताल नरेंद्रनगर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। टिहरी के CMO श्याम विजय ने बताया कि बस में कुल 18 लोग ही सवार थे, जिनमें से पांच की मौत हो गई और 13 लोग घायल हैं। तीन को एम्स और बाकी को नरेंद्रनगर अस्पताल भेजा गया है।
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने हादसे को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी यात्री ऋषिकेश के मुनीकीरेती क्षेत्र के एक आश्रम में रुके हुए थे और वहीं से आज सुबह कुंजापुरी दर्शन के लिए रवाना हुए थे। वापस लौटते समय यह हादसा हुआ। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। एसएसपी ने बताया कि घायलों और मृतकों में गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी और हरियाणा के लोग शामिल हैं।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। SDRF की टीमें लगातार खाई में उतरकर घायलों को स्ट्रेचर और रोप सिस्टम की मदद से ऊपर लाती रहीं। देर शाम तक रेस्क्यू पूरा कर लिया गया था। प्रशासन ने मृतकों के पोस्टमॉर्टम और पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस हादसे के सही कारणों की जांच में जुटी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर कई मोड़ बेहद खतरनाक हैं और पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि पर्वतीय मार्गों पर यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की संवेदनशीलता और सावधानी की जरूरत को सामने लेकर आया है। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।



