उत्तराखंड STF इंस्पेक्टर का शानदार कार्यकाल, मिला डीजीपी गोल्ड डिस्क सम्मान
उत्तराखंड एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट में तैनात इंस्पेक्टर विकास चौधरी ने अपने एक साल के कार्यकाल में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर एक मिसाल कायम की है। उनकी इसी उत्कृष्ट कार्यशैली और उल्लेखनीय उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित ‘डीजीपी गोल्ड डिस्क’ से सम्मानित किया गया है।
उत्तराखंड एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट में अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे इस तेजतर्रार इंस्पेक्टर का एक वर्ष का कार्यकाल ऐतिहासिक सफलताओं से भरा रहा है। बीते एक साल के दौरान उनके नेतृत्व में कई बड़े और जटिल मामलों का खुलासा किया गया है।
उनकी अगुवाई में एसटीएफ ने ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए लगभग 800 ग्राम हेरोइन बरामद की। इसके साथ ही वन्यजीव तस्करों पर शिकंजा कसते हुए हाथी दांत की जब्ती, अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश, फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली नकली दवाइयों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ जैसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
इनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वे केवल छोटे अपराधियों या मोहरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अपराध के पूरे सिंडिकेट और उसके नेटवर्क की जड़ तक पहुँचकर उसका सफाया किया।
इनके इसी अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट सेवाओं को मान्यता देते हुए 31 अक्टूबर 2026 को इन्हें पुलिस विभाग के प्रतिष्ठित ‘डीजीपी गोल्ड डिस्क’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरी एसटीएफ टीम के सामूहिक प्रयासों और समर्पण का भी प्रतीक है।
निश्चित रूप से यह उपलब्धि उनके लिए भविष्य में और अधिक ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ काम करने की प्रेरणा बनेगी। कर्तव्य पथ पर अडिग रहने और वर्दी की गरिमा को सर्वोपरि रखने वाले ऐसे अधिकारियों पर पूरे प्रदेश को गर्व है।
