प्रसव के बाद बिगड़ी महिला की हालत, इलाज के लिए भटकता रहा पति; मौत से परिवार में मचा कोहराम

केलाखेड़ा। मां बनने की खुशी परिवार के लिए कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केलाखेड़ा में प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से एक महिला की हालत बिगड़ गई। स्वास्थ्य केंद्र से उसे जिला चिकित्सालय रुद्रपुर रेफर किया गया, लेकिन पति उसे उपचार के लिए काशीपुर के निजी अस्पतालों में लेकर भटकता रहा। परिजनों का आरोप है कि समय पर उपचार नहीं मिलने से महिला की मौत हो गई। नवजात स्वस्थ बताया जा रहा है।

 

ग्राम बाजावाला निवासी यशपाल सिंह की पत्नी प्रकाश कौर को गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केलाखेड़ा लाया गया था। परिजनों के अनुसार, नर्सिंग स्टाफ ने प्रसव कराया। प्रसव के समय जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे। करीब चार बजे के बाद प्रकाश कौर को अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा और उनकी हालत गंभीर हो गई।

 

स्वास्थ्य केंद्र से उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय रुद्रपुर रेफर कर दिया गया। हालांकि पति के अनुसार वह पत्नी को रुद्रपुर ले जाने के बजाय काशीपुर के निजी अस्पतालों में उपचार के लिए लेकर पहुंचे। उनका आरोप है कि कई अस्पतालों के चक्कर लगाने के बावजूद गंभीर हालत के चलते समय पर भर्ती और उपचार नहीं मिल सका। इसी दौरान प्रकाश कौर ने दम तोड़ दिया।

 

प्रकाश कौर के पहले से दो पुत्र हैं। मनराज सिंह आठ वर्ष और युवराज सिंह पांच वर्ष के हैं। नवजात समेत अब तीनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी की मौत से पति यशपाल सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं

 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. रवि श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है और यहां सामान्य प्रसव कराए जाते हैं। प्रसव के बाद रक्तस्राव शुरू होने पर महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल रुद्रपुर रेफर किया गया था।

 

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

 

मृतका के पति ने निजी अस्पतालों में समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाया है। हालांकि संबंधित अस्पतालों का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की है।

 

महिला की मौत ने प्रसव के बाद आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और रेफरल प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसवोत्तर रक्तस्राव के बाद महिला को तत्काल क्या उपचार दिया गया, रेफर करने से पहले उसकी स्थिति को स्थिर करने के लिए क्या कदम उठाए गए और आगे इलाज में कहां बाधा आई—इन सभी बिंदुओं की जांच से ही तस्वीर साफ होगी।