आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा पॉक्सो कोर्ट ने एक युवक को अपनी सगी बहन से शादी करने और उसे गर्भवती करने और बाद में उसे बस स्टैंड पर छोड़ने के जुर्म में मौत तक उम्रकैद की सजा सुनाई है, विजयवाड़ा पॉक्सो (POCSO) कोर्ट के जज वी भवानी ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी पर 6 हजार रुपये का जुर्माना और पीड़िता को 30,000 रुपये देने का आदेश दिया.
साथ ही कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट लीगल सेल सर्विस अथॉरिटी को यह भी निर्देश दिया कि वह यह पक्का करे कि लड़की को सरकार से जल्द से जल्द 5 लाख रुपये की मदद मिले. खबर के मुताबिक, एक परिवार में एक दंपती का एक बेटा और दो बेटियां हैं. कुछ समय पहले पारिवारिक झगड़ों की वजह से माता-पिता अलग-अलग रह रहे हैं. मां अपनी दो बेटियों के साथ कृष्णा जिले के पामिदिमुक्कला मंडल के मंताडा में रहती है, जबकि पिता अपने बेटे के साथ प्रकाशम जिले के कोंडापी मंडल के पेंटलूर में बस गए हैं.
क्या है पूरा मामला
साल 2023 में उनका 21 साल का बेटा यह कहकर मंटाडा आया कि वह अपनी मां और बहनों के पास जा रहा है. इस दौरान उसने अपनी 17 की मासूम बहन की निजी तस्वीरें लेकर उसे धमकाया और कई बार उसके साथ बलात्कार किया. 2024 में, वह क्रिसमस के मौके पर मंटाडा आया. वह बहन को विजयवाड़ा के एक चर्च में शादी करने के इरादे से ले गया. वहां से वह उसे हैदराबाद लेकर आया. इस दौरान उसने कई बार अपनी बहन का यौन उत्पीड़न किया. मां को अपने बेटे के इस गंदी करतूत के बारे में जानकारी नहीं थी. उसने अपने बेटे को फोन करके कहा कि, वह बहन को यहां उसके पास भेज दे. पिछले साल फरवरी में, पिता और बेटे ने लड़की को ओंगोल बस स्टैंड पर छोड़ दिया और हैदराबाद चले गए. घर पहुंचने के बाद, लड़की कुछ दिनों तक बुखार और उल्टी आती रही. जब मां ने उसका मेडिकल टेस्ट करवाया तो उसके होश उड़ गए. उसे पता चला कि, उसकी बेटी गर्भवती है.
मां ने उससे इसके बारे में बेटी से पूछा तो उसने सबकुछ सच बता दिया. उसके बाद मां की शिकायत के आधार पर पामिदिमुक्कला पुलिस ने युवक के खिलाफ POCSO समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, गुडीवाड़ा डीएसपी धीरज विनील ने उस समय आरोपी को पेंटलूर से गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले की सुनवाई स्पीड ट्रायल कोर्ट में पूरी हुई. विजयवाड़ा POCSO कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए दोषी युवक को मौत तक उम्रकैद की सजा सुनाई.




