रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत गदरपुर कोतवाली पुलिस और एसटीएफ कुमाऊँ यूनिट की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। नाबालिग बेटे से स्मैक की तस्करी कराए जाने के मामले में पुलिस ने धारा 95 बीएनएस के तहत जनपद का पहला मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई नशा तस्करों के खिलाफ कानून के सख्त रुख को दर्शाती है।
पुलिस के अनुसार, 24 जनवरी की शाम गदरपुर क्षेत्र में संयुक्त टीम द्वारा सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान करतारपुर रोड तिराहे की पुलिया के पास एक स्कूटी सवार किशोर को रोका गया। पुलिस टीम को देखकर किशोर घबरा गया, जिससे संदेह हुआ। तलाशी लेने पर स्कूटी की डिग्गी से 112.3 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 33 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में नाबालिग ने जो खुलासा किया, उसने सभी को चौंका दिया। किशोर ने बताया कि यह स्मैक उसे उसके माता-पिता ने दी थी और पुलिया के पास खड़े एक व्यक्ति को सौंपने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि माता-पिता अपने ही नाबालिग बेटे से नशे की तस्करी करवा रहे थे, जो न केवल अमानवीय है बल्कि गंभीर संगठित अपराध की श्रेणी में आता है।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी माता-पिता के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/60 के साथ-साथ धारा 95 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ऊधम सिंह नगर में यह पहला मामला है, जिसमें बच्चों से अपराध कराए जाने पर धारा 95 बीएनएस का इस्तेमाल किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी दंपती शातिर किस्म के अपराधी हैं और कोतवाली गदरपुर के हिस्ट्रीशीटर हैं। पति पर 9 और पत्नी पर 6 आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दे रही है। वहीं नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के तहत संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




