किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामला: SIT ने उधम सिंह नगर एसएसपी समेत पांच पुलिस अधिकारियों को भेजे नोटिस, जमीन धोखाधड़ी व पुलिस भूमिका की जांच तेज

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काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में जांच तेज हो गई है। इस प्रकरण की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित पांच पुलिस अधिकारियों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इनमें तीन उप निरीक्षक और एक अपर उप निरीक्षक भी शामिल हैं। एसआईटी ने यह नोटिस सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर जारी किए हैं।

एसआईटी ने भूमि धोखाधड़ी के आरोपों की जांच को लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय, तहसील कार्यालय और विभिन्न बैंकों को भी नोटिस भेजे हैं। बैंकिंग ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन से जुड़े लेन-देन और दस्तावेजों की सत्यता की गहन जांच की जाएगी।

एसआईटी सदस्य एवं पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति ने बताया कि मामले से जुड़े सभी अभिलेखों को कब्जे में लेकर उनका सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एसआईटी की विशेषज्ञ टीम टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर रही है। इस संबंध में एसआईटी की ओर से प्रेस नोट भी जारी किया गया है।

गौरतलब है कि शनिवार 10 जनवरी को किसान सुखवंत सिंह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नैनीताल जिले के काठगोदाम क्षेत्र में घूमने गए थे। उसी रात उन्होंने होटल में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में सुखवंत सिंह ने जमीन खरीद से जुड़े करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि इस मामले की शिकायत काशीपुर के आईटीआई थाने में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें डराया-धमकाया और आरोपियों का साथ दिया।

वीडियो में सुखवंत सिंह ने कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद आईटीआई थाने के प्रभारी सहित एक उप निरीक्षक को निलंबित किया गया था, जबकि पैगा पुलिस चौकी प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर बाद में कुमाऊं से गढ़वाल मंडल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश दिए हैं, जिसकी जिम्मेदारी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई है। वहीं पुलिस मुख्यालय स्तर पर आईजी एसटीएफ आनंद नीलेश भरणे की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया था, जो लगातार जांच कर रही है।

उधर, सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर आईटीआई थाने में 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही एसआईटी ने आईटीआई थाने में दर्ज मुकदमे को नैनीताल जिले के काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया है।

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