झोलाछापों पर स्वास्थ्य विभाग का वार: संयुक्त टीम की छापेमारी, तीन अवैध क्लीनिक सील, बिना डिग्री इलाज का भंडाफोड़

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रामनगर में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध रूप से चिकित्सा सेवाएं दे रहे तीन झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिकों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।

नैनीताल जिले के रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टर अवैध रूप से क्लीनिक चला रहे थे। स्वास्थ्य एवं औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर तीन ऐसे अवैध क्लीनिकों को पकड़ा, जहां बिना किसी मान्यता और डिग्री के इलाज किया जा रहा था।

छापेमारी की भनक लगते ही कई झोलाछाप डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक बंद कर मौके से फरार होना ही बेहतर समझा। इससे साफ जाहिर होता है कि क्षेत्र में अवैध चिकित्सा का जाल फैला हुआ था।

स्वास्थ्य विभाग को गूलरघट्टी मोहल्ले में संचालित एक क्लीनिक को लेकर सीएम पोर्टल पर शिकायत मिली थी। इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. श्वेता भंडारी, डिप्टी सीएमओ डॉ. चंद्रा पंत और औषधि निरीक्षक डॉ. अर्चना के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। गूलरघट्टी में डॉ. मुजीबुर्रहमान और डॉ. नदीम अख्तर द्वारा संचालित क्लीनिकों की जांच की गई, लेकिन मौके पर कोई भी वैध चिकित्सकीय डिग्री या पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं मिला।

इसके अलावा भवानीगंज क्षेत्र में भी एक अन्य झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापा मारा गया। जांच के दौरान वहां भी चिकित्सा अभ्यास से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों अवैध क्लीनिकों को मौके पर ही सील कर दिया।

– डॉ. श्वेता भंडारी, डिप्टी सीएमओ: “स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बिना योग्यता के इलाज कर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों में खलबली मची हुई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि आगे भी ऐसे अवैध क्लीनिकों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

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