ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने यह बयान भारतीय संविधान की समावेशी भावना को रेखांकित करते हुए दिया।
शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अवसर देता है। उन्होंने पाकिस्तान के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां केवल एक ही धर्म के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनने की अनुमति है, जबकि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारतीय संविधान के तहत कोई भी नागरिक—चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से हो—प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या महापौर बन सकता है।
ओवैसी ने कहा, “मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने।”
उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों के खिलाफ फैलायी जा रही नफरत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। ओवैसी के अनुसार, नफरत फैलाने वालों का अंत तय है और जब समाज में प्रेम आम हो जाएगा, तब लोगों को एहसास होगा कि उनके दिमाग में किस तरह जहर भरा गया था।
ओवैसी के इस बयान पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि वे पहले किसी ‘पसमांदा’ मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को AIMIM का अध्यक्ष बनाकर दिखाएं।
इससे पहले ओवैसी ने कांग्रेस और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर भी निशाना साधा। उन्होंने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के कड़े प्रावधानों को मजबूत किए जाने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। ओवैसी ने कहा कि इसी कानून के दुरुपयोग के कारण उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे विचाराधीन कैदियों को वर्षों से जेल में रहना पड़ा है।
ओवैसी ने सवाल उठाया कि आजादी के बाद क्या कांग्रेस का कोई बड़ा नेता एक-दो साल या साढ़े पांच साल तक जेल में रहा है। उन्होंने कहा कि यूएपीए में संशोधन यूपीए सरकार के दौरान हुआ था और उस समय गृह मंत्री पी. चिदंबरम थे।
गौरतलब है कि मुंबई में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज कर दिया है। 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।




