धान कुटाई में बड़ा घोटाला सामने आया, 98.47 लाख की रिकवरी नोटिस के बावजूद सरकारी चावल जमा नहीं, राइस मिल के दो निदेशक और एक लेखाकार पर मुकदमा दर्ज

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रुद्रपुर।

उत्तराखण्ड प्रादेशिक को-ऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड देहरादून ने राइस मिल द्वारा राजकीय चावल के गबन और करोड़ों रुपये की रिकवरी न होने के मामले में कोतवाली रुद्रपुर में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के तहत मूल्य समर्थन योजना में खरीदे गए धान की कुटाई से जुड़ा हुआ है।

उत्तराखण्ड प्रादेशिक को-ऑपरेटिव यूनियन के क्षेत्रीय प्रबंधक धीरज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि यूनियन द्वारा राइस मिल स्वास्तिक राइस लैंड प्रा. लि., ग्राम दानपुर बिंदुखेड़ा रोड, तहसील रुद्रपुर को कुल 4462 कुंतल धान कुटाई के लिए भेजा गया था। खरीद नीति के अनुसार 67 प्रतिशत रिकवरी के हिसाब से मिल को 2989.54 कुंतल चावल राजकीय गोदामों में जमा कराना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा और कई नोटिसों के बावजूद अंतिम तिथि 15 सितंबर 2024 तक केवल 178.20 कुंतल चावल ही जमा किया गया।

इस प्रकार मिल पर 2811.34 कुंतल राजकीय चावल बकाया रह गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनियन ने जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर से भौतिक सत्यापन कराने का अनुरोध किया। 18 अक्टूबर 2024 को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में हुई जांच में राइस मिल परिसर में धान या चावल का कोई स्टॉक नहीं पाया गया, केवल टूटे चावल, एफआरके और बोरे ही उपलब्ध मिले।

इसके बाद कंपनी के निदेशक पुरुषोत्तम दास अग्रवाल द्वारा शपथ पत्र देकर छह माह में धनराशि भुगतान का आश्वासन दिया गया और जमानत के रूप में चेक भी दिए गए। हालांकि बाद में कंपनी की ओर से भेजे गए विधिक नोटिस में उन चेकों को बिना सहमति बैंक में प्रस्तुत न करने की बात कही गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चेकों में पर्याप्त धनराशि नहीं थी और वे केवल रिकवरी से बचने के उद्देश्य से दिए गए थे।

यूनियन के अनुसार राजकीय चावल एवं अनुषांगिक मदों की कुल देय राशि 98 लाख 47 हजार 788 रुपये 92 पैसे है। कई बार अंतिम अवसर दिए जाने के बावजूद 21 जुलाई 2025 तक कोई भुगतान नहीं किया गया।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि स्वास्तिक राइस लैंड प्रा. लि. के निदेशक पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल, लेखाकार राजेन्द्र सिंह एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से राजकीय चावल का गबन और खुर्दबुर्द किया है।

कोतवाली रुद्रपुर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सरकारी अनाज व्यवस्था में बड़े स्तर की लापरवाही और आर्थिक अनियमितता को उजागर करता है।

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