उत्तर प्रदेश से उधम सिंह नगर आकर बसे एक परिवार पर उस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब पढ़ाई के लिए रूस गए बेटे का पार्थिव शरीर घर पहुंचा। कुमाऊं मंडल के उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र, शक्तिफार्म निवासी राकेश कुमार मौर्य की रूस–यूक्रेन युद्ध के दौरान मौत हो गई। 17 दिसंबर को उनका शव हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचा, जिसके बाद गांव शक्तिफार्म स्थित तारक धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों का आरोप है कि राकेश कुमार मौर्य 8 अगस्त 2025 को स्टडी वीजा पर सेंट पीटर्सबर्ग यूनिवर्सिटी, रूस पढ़ाई करने गए थे। रूस पहुंचने के बाद उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और ऑफिशियल ईमेल आईडी भी डिलीट कर दी गई। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें जबरन रूसी सेना में शामिल कर रूस–यूक्रेन युद्ध में भेज दिया गया।
परिजनों के अनुसार अगस्त माह के अंत तक राकेश की लगातार बातचीत परिवार से होती रही। इस दौरान राकेश ने बताया था कि उसे युद्ध की ट्रेनिंग दी जा रही है और जल्द ही उसे यूक्रेन के मोर्चे पर भेजा जाएगा। इसी बीच राकेश का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने जबरन युद्ध में भेजे जाने की बात कही थी।
बेटे को सुरक्षित वापस लाने के लिए परिजन लगातार दिल्ली में अधिकारियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन करीब दस दिन पहले परिवार को सूचना मिली कि राकेश की युद्ध के दौरान मौत हो गई है। हालांकि, मौत की परिस्थितियों को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं।
इस मामले पर एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि राकेश कुमार अगस्त माह में रूस गया था और 17 दिसंबर को उसका पार्थिव शरीर शक्तिफार्म पहुंचा। पूर्व में परिजनों द्वारा युद्ध प्रशिक्षण की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी कोई औपचारिक सूचना पुलिस प्रशासन को अब तक नहीं मिली है।



