रुद्रपुर। नजूल दानपात्र पर बसे करीब 30 हजार परिवारों को बिजली कनेक्शन न मिलने के मुद्दे ने शुक्रवार को जोर पकड़ लिया। मामला तब भड़क गया जब रम्पुरा की कुछ महिलाएं बिजली कनेक्शन के आवेदन के लिए विभाग पहुंचीं, लेकिन उनकी फाइलें यह कहकर लौटा दी गईं कि बिना नक्शा पास कराए कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।
जैसे ही यह बात विधायक शिव अरोरा तक पहुंची, वे गुस्से में अटरिया मोड़ स्थित बिजलीघर पहुंचे और एसडीओ अन्नू अरोरा को जमकर लताड़ लगाई। विधायक ने कहा कि तीन दिन पहले जिला विकास प्राधिकरण में स्पष्ट आश्वासन मिला था कि नजूल दानपात्र में रहने वालों को मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता से बाहर रखा जाएगा, फिर बिजली विभाग महिलाओं की फाइल कैसे लौटा सकता है?
विधायक शिव अरोरा ने चेतावनी दी—“रुद्रपुर के 30 हजार परिवारों के साथ अन्याय किसी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा। सभी को बिजली कनेक्शन मिलेगा और इसे कोई रोक नहीं सकता। जरूरत पड़ी तो डीएम ऑफिस के बाहर दरी बिछाकर धरना दूंगा।”
विधायक ने मौके पर ही जिला अधिकारी नितिन भदौरिया को फोन कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि जब नजूल दानपात्र निवासी स्वामित्व प्रमाणित नहीं कर सकते, तो नक्शा पास कराने का नियम उन पर लागू ही नहीं हो सकता।
इस पर डीएम ने विधायक को भरोसा दिलाया कि सोमवार को जिला विकास प्राधिकरण एवं विद्युत विभाग की बैठक में स्थायी समाधान निकाला जाएगा, और नजूल दानपात्र के लिए मानचित्र स्वीकृति की बाध्यता हटाने संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे।
विधायक ने एसडीओ को निर्देश दिए कि किसी भी नजूल दानपात्र निवासी की फाइल लौटा न लौटाई जाए और सभी के आवेदन स्वीकार किए जाएं।
विधायक के साथ राधेश शर्मा, राजेंद्र राठौर, धीरेश गुप्ता, राजकुमार साह, मनोज मदान, जीतेन्द्र संधू, पिंटू पाल, राज कोली, चन्द्रसेन चंदा, मयंक कक्कड़, विष्णु सहित कई समर्थक मौजूद रहे।
विधायक ने कहा कि सोमवार सुबह 11:30 बजे वे स्वयं डीएम कार्यालय पहुंचकर जनता की इस समस्या का हर हाल में समाधान सुनिश्चित करेंगे।




