गबन मामले में दो आरोपी दोषी, अदालत ने सुनाई दो वर्ष की सजा

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जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियों के आदेश पर शुरू हुई जांच के बाद सामने आए गबन प्रकरण में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। ए.डी.जी.सी. फौजदारी अनिल सिंह के अनुसार जांच में पाया गया कि साधन सहकारी समिति फौजी मटकोटा में तैनात रहे महावीर सिंह चौहान तथा मिनी बैंक प्रभारी महेंद्र कुमार सक्सेना ने संयुक्त रूप से 10.69 लाख रुपये का गबन किया था। मामले में सहायक विकास अधिकारी सहकारिता सुभाष चंद्र गहतोड़ी ने 13 मई 2011 को थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज कराया था।

 

लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में वर्ष 2019 में अभियुक्तों ने सजा से राहत की उम्मीद में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देऊपा की अदालत में अपीलीय याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान ए.डी.जी.सी. अनिल सिंह ने अदालत के समक्ष गबन से जुड़े साक्ष्य पेश किए, जिनमें वित्तीय अनियमितताओं और दोनों अधिकारियों की संलिप्तता स्पष्ट बताई गई।

 

अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच हुई लंबी जिरह के बाद न्यायालय ने धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यासभंग) में आरोपों से दोनों अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया, लेकिन धारा 406 (आपराधिक न्यासभंग) के तहत दोषी मानते हुए कठोर टिप्पणी की।

 

अदालत ने महावीर सिंह चौहान और महेंद्र कुमार सक्सेना को दो वर्ष का सश्रम कारावास तथा दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न जमा करने पर अतिरिक्त कारावास की भी व्यवस्था की गई है।

 

निर्णय के बाद मामले को लेकर सहकारी विभाग के अधिकारियों में हलचल है, जबकि स्थानीय स्तर पर भी फैसले की व्यापक चर्चा बनी हुई है।

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