हल्द्वानी।
वन विकास निगम हल्द्वानी में सरकारी खजाने की सीधी लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर बिल तैयार कर लाखों रुपये के भुगतान का प्रयास किए जाने के बाद अब पूरा प्रकरण विजिलेंस के हवाले किए जाने की तैयारी में है। प्राथमिक जांच में ही विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत उजागर हो चुकी है।
फर्जी रेस्टोरेंट का नाम… और बिल भी क्लियर!
मामला तब उजागर हुआ जब एक शिकायतकर्ता ने एफिडेविट के साथ विजिलेंस को फर्जी बिलों के सबूत सौंपे। इसके बाद विजिलेंस ने शासन को पत्र भेजकर आगे की कार्रवाई पूछी। शासन ने जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से जांच करवाई तो चौंकाने वाली बात सामने आई—जिस रेस्टोरेंट के नाम पर बिल भुगतान दिखाया गया था, वह हल्द्वानी शहर में है ही नहीं। न उसका कोई पंजीकरण, न लाइसेंस और न ही विभाग के रिकॉर्ड में कोई उल्लेख।
विजिलेंस जांच में बड़ा खुलासा
सतर्कता अधीक्षक देहरादून की जांच रिपोर्ट में साफ हुआ कि निगम के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने आपसी सांठगांठ से फर्जी रेस्टोरेंट के नाम पर बिल बनाए। भोजन के जिन व्यंजनों का उल्लेख बिल में था, खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी पुष्टि कर दी कि ऐसा कोई प्रतिष्ठान अस्तित्व में नहीं है। यानी पूरा बिल कागजों पर गढ़ा गया था और मकसद था सरकारी धन का दुरुपयोग।
वाउचर भी फर्जी, दस्तावेज भी संदिग्ध
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी बिलों के साथ प्रस्तुत वाउचर और संबंधित दस्तावेज भी गलत पाए गए। शासन ने इसे प्रथम दृष्टया जालसाजी और भ्रष्टाचार का मामला मानते हुए वन विभाग से एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
बीएनएस की कई धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का उल्लंघन
शासन की ओर से भेजे गए पत्र में संकेत दिया गया है कि इस मामले में बीएनएस की धाराएँ 316, 335, 336, 338, 339 और 61 सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन प्रतीत होता है। साथ ही यह भी कहा गया है कि किस स्तर पर किस अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है, इसकी सूची भी तैयार की जाए।
कई बड़े नाम आने वाले दिनों में घिर सकते हैं
वन विकास निगम में फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाना हड़पने का यह मामला अब बड़ा रूप ले चुका है। शासन ने संकेत दिए हैं कि जांच की गहराई बढ़ते ही कई बड़े अधिकारी और कर्मचारी मुश्किलों में घिर सकते हैं। विजिलेंस जांच की औपचारिक शुरुआत के बाद जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद है।
(समाप्त)


