रुद्रपुर, संवाददाता। जिला बार एसोसिएशन के समस्त अधिवक्ताओं ने शनिवार को बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के आह्वान पर एक दिवसीय हड़ताल एवं कार्य बहिष्कार किया। सुबह से ही अधिवक्ता न्यायालयों में अनुपस्थित रहे तथा बार भवन परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को जिला बार भवन में आयोजित कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में अध्यक्ष संजीव फौगाट और सचिव जसवंत सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं की विभिन्न लंबित समस्याओं, विशेषकर समस्त न्यायालयों में चैंबर निर्माण सहित बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बैठक में बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड, नैनीताल की 12 नवंबर को हुई वर्चुअल बैठक में पारित प्रस्ताव का समर्थन करते हुए 15 नवंबर को हड़ताल एवं न्यायिक कार्यों से दूर रहने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
निर्णय के अनुपालन में शनिवार को अधिवक्ताओं ने न्यायालयों में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। बार एसोसिएशन भवन के बाहर अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सरकार और न्यायपालिका से अधिवक्ता कल्याण, ढांचागत विकास तथा न्यायालय परिसर की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। उनका कहना था कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने के कारण हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है।
इस दौरान अध्यक्ष संजीव फौगाट, सचिव जसवंत सिंह, कोषाध्यक्ष कुलबीर सिंह ढिल्लों, उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बेटा, उप सचिव मनोज सामंत, कार्यकारिणी सदस्य लालू प्रसाद, अंकित चिलाना, पूर्व अध्यक्ष खड़क सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष एमपी तिवारी, सचिन चौहान, यासर इशाक, गुरबाज सिंह, कमल चिलाना, अजय नारायण यादव सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।



