संयुक्त आयुक्त श्याम तिरुवा के नेतृत्व में राज्य कर विभाग की टीम ने गुरुवार को काशीपुर स्थित एक प्रतिष्ठित आयरन-स्टील ट्रेडिंग फर्म पर तलाशी और अभिग्रहण की कार्रवाई की।
यह कार्रवाई आयुक्त कर सोनिका और अपर आयुक्त डीएसओ नबियाल के मार्गदर्शन में की गई।
जांच के दौरान विभाग को यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि फर्म ने बिना माल की आपूर्ति के फर्जी बिल बनाकर लगभग 10 करोड़ रुपए की खरीद दिखाई थी। फर्म ने मुरादाबाद, रामपुर सहित कई अन्य स्थानों की फर्जी फर्मों से खरीद दिखाते हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लेने का प्रयास किया था।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि फर्म ने स्कूटर पर खर्च हुए 20 लाख रुपए को आयरन-स्टील की खरीद के रूप में दिखाया। इसी प्रकार थ्री व्हीलर व ट्रैक्टर के उपयोग पर खर्च हुए 59 लाख रुपए को भी आयरन-स्टील की खरीद बताते हुए फर्जी बिलों में शामिल किया गया।
टीम ने व्यापारी के व्यापार स्थल से मिले अभिलेखों व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की जांच कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। पूछताछ में व्यापारी ने अपनी गलती स्वीकार की और मौके पर ही 1.50 करोड़ रुपए की राशि राज्य कर विभाग को सरेंडर कर दी।
यह बड़ी कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर विनय ओझा के नेतृत्व में की गई, जिसमें सहायक आयुक्त मो. जीशान मलिक, अमर कुमार, राज्य कर अधिकारी मंजीत सिंह राणा, मुकेश पांडे, विश्वजीत सिंह, स्वर्णलता सहित करीब 20 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम शामिल रही। राज्य कर विभाग ने संकेत दिए हैं कि प्रदेशभर में इस तरह की और फर्मों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी, ताकि जीएसटी चोरी पर सख्त अंकुश लगाया जा सके।




