दिल्ली ब्लास्ट में बाल-बाल बचे गदरपुर के हर्षुल, परिवार ने सुनाया दर्दनाक मंजर
गदरपुर निवासी हर्षुल सेतिया की शादी की तैयारियों के बीच खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब सोमवार शाम दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में हुए ब्लास्ट में वह और उसका परिवार बाल-बाल बच गया। हर्षुल की मां अंजू सेतिया ने बताया कि वह, हर्षुल, उसकी मंगेतर शिवाली और छोटा बेटा शॉपिंग के लिए दिल्ली गए थे। शाम को जब सभी नोएडा लौट रहे थे, तभी रेड लाइट पर उनकी कार से करीब 100 मीटर पीछे जोरदार धमाका हुआ।
अंजू सेतिया बताती हैं कि धमाके के साथ कई चीजें उड़कर उनकी कार से टकराईं, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बाहर निकलते समय बेटा घायल हो गया। वह कहती हैं कि ब्लास्ट के बाद चारों ओर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई थी, कई लोग जले हुए हालत में सड़क पर पड़े थे। हालांकि पुलिस, प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत मदद पहुंचाई। फिलहाल हर्षुल की स्थिति पहले से बेहतर है, पर पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा।
इधर, मंगलवार देर रात हर्षुल अपने परिवार के साथ गदरपुर स्थित घर लौट आया। सिर में कांच के टुकड़े लगने से उसे गहरा घाव हुआ और दस टांके लगे हैं। पिता संजीव सेतिया ने बताया कि ब्लास्ट के बाद लोगों ने मदद की और हर्षुल की मंगेतर शिवाली ने राहगीर से स्कूटी लेकर घायल हर्षुल को लोकनायक अस्पताल पहुंचाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद फोन कर हालचाल लिया और अस्पताल प्रशासन को सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बुधवार को हर्षुल के घर पहुंचने पर भी मुख्यमंत्री ने पुनः फोन कर परिवार का हाल जाना।
हर्षुल का परिवार इस भयावह हादसे से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उस रात का मंजर आज भी सबकी आंखों के सामने ताजा है।




