साइबर ब्यूरो की सबसे बड़ी कार्रवाई — 95 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 81 गिरफ्तार
तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 95 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है। इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ पांच राज्यों—केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र—में 25 दिनों तक सघन अभियान चलाया गया, जिसके दौरान 81 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह विदेशों से संचालित फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से तेलंगाना सहित कई राज्यों के लोगों को निशाना बना रहा था। ठग खुद को बैंक अधिकारी बताकर खातों से धन ट्रांसफर करवाते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में 17 एजेंट, 11 नकद निकासी करने वाले और 53 फर्जी बैंक खातों के संचालक शामिल हैं। जांच में यह नेटवर्क देशभर के 754 साइबर अपराध मामलों से जुड़ा पाया गया है, जिनमें 128 मामले केवल तेलंगाना के हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस साइबर गिरोह में बैंक और आईटी सेक्टर से जुड़े लोग भी शामिल हैं। आईडीएफसी, फेडरल बैंक और बंधन बैंक के कुछ कर्मचारियों के अलावा एक ऑडिट ऑफिस का अकाउंटेंट और बीबीए ग्रेजुएट भी ठगी के इस नेटवर्क का हिस्सा थे। कई ने अपने कॉर्पोरेट खातों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
टीजीसीएसबी की निदेशक शिखा गोयल ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए चेतावनी है कि अब कोई भी डिजिटल ठगी कर बच नहीं पाएगा। विदेशी मास्टरमाइंड्स की तलाश जारी है और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं।
अक्टूबर में की गई इस अभियान का नेतृत्व एएसपी भीक्षम रेड्डी ने किया। 95 करोड़ की इस ठगी का भंडाफोड़ तेलंगाना साइबर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।



