रुद्रपुर। शहर की कौशल्या इंक्लेव फेस-2 कॉलोनी में रहने वाली एक अध्यापिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। कॉलोनी अध्यक्ष ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि महिला को उसके साथ रहने वाले अजय मिश्रा और सफाई कर्मचारी बिमला बाल्मीकि ने मिलकर जलाकर मार डाला। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहरीर के अनुसार, मृतका सुषमा पंत पिछले सात-आठ वर्षों से अजय मिश्रा नामक व्यक्ति के साथ कॉलोनी में रह रही थी। कॉलोनी अध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने बताया कि 25 अक्तूबर की सुबह सुषमा उनके घर आई थी और अजय मिश्रा पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह उसे नशीली दवाइयां देकर पागल साबित करने की कोशिश करता है। महिला ने यह भी बताया था कि घर में काम करने वाली बिमला बाल्मीकि भी अजय मिश्रा के साथ मिली हुई है।
26 अक्तूबर को वह फिर अध्यक्ष के पास पहुंची और कहा कि दोनों लोग उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसने कहा कि “अगर आज कुछ नहीं किया गया तो वो मुझे खत्म कर देंगे।” इसके दो दिन बाद 28 अक्तूबर की सुबह कॉलोनी में हड़कंप मच गया जब सुषमा पंत के घर से धुआं उठता देखा गया।
सूचना मिलने पर जब लोग मौके पर पहुंचे तो घर का गेट बंद और ताला लगा हुआ था। उसी दौरान वहां मौजूद अजय मिश्रा ने कहा कि “वह जलकर मर गई है, अब ताला खोलने से कुछ नहीं होगा।” यह सुनते ही लोग चौंक गए, लेकिन इससे पहले कि कोई कार्रवाई होती, अजय मौके से फरार हो गया।
कॉलोनी अध्यक्ष ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर अजय मिश्रा और बिमला बाल्मीकि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर मामला संदिग्ध लग रहा है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी।



