रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें करोड़ों रुपये का सौदा होने के बावजूद खरीदार को न तो जमीन की रजिस्ट्री दी गई और न ही कब्जा। प्रार्थी अतुल छाबड़ा की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला प्रकाश में आने के बाद जिले के रियल एस्टेट कारोबार में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अतुल छाबड़ा ने 1 मार्च 2024 को ग्राम जगतपुर भूरारानी, रुद्रपुर स्थित लगभग 2266 गज भूमि ₹5.15 करोड़ में खरीदने का सौदा किया था। यह सौदा सीकेजी रियल्टी के डायरेक्टर करुण गुप्ता के माध्यम से संपन्न हुआ।
छाबड़ा ने करुण गुप्ता को ₹2.85 करोड़ नकद और ₹47 लाख भूमि मालिकों — आनंद धवन, ओम प्रकाश धवन और राजेंद्र धवन — को चेक और आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया। आरोप है कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद आरोपी पक्ष ने न तो भूमि की रजिस्ट्री कराई और न ही दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी की।
प्रार्थी के अनुसार, कई बार रजिस्ट्री की तिथि तय की गई, लेकिन हर बार आरोपी पक्ष किसी न किसी बहाने से नहीं पहुंचा। बाद में करुण गुप्ता ने 25 जून 2025 तक रजिस्ट्री कराने का एग्रीमेंट किया और सुरक्षा के तौर पर ₹12.62 करोड़ के चार चेक सौंपे, जो बाद में बाउंस हो गए।
छाबड़ा का कहना है कि उसने 7 सितंबर 2025 को भूमि पर कब्जा लेने के प्रयास में मजदूरों के साथ काम शुरू कराया, तो आनंद धवन और सौरभ धवन ने मजदूरों के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त लोगों ने अन्य खरीदारों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है।
फिलहाल पुलिस ने प्रार्थी की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। मामला करोड़ों रुपये के सौदे से जुड़ा होने के कारण रियल एस्टेट कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस मामले की आर्थिक लेनदेन और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच में जुट गई है।



