रुद्रपुर। अंकिता भंडारी हत्याकांड की तीसरी बरसी पर न्याय दिलाने और महिला मजदूर नेता को जान से मारने की धमकी देने के विरोध में गुरुवार को श्रमिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आक्रोशित श्रमिकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
डॉल्फिन मजदूर संगठन की अध्यक्ष सुनीता को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से मंगलवार रात चार बार कॉल आई। आरोप है कि कॉल करने वाले तीन व्यक्तियों ने उन्हें और उनके पति को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। साथ ही, काशीपुर श्रम न्यायालय में कंपनी के खिलाफ चल रहे केस को वापस लेने का दबाव बनाया। इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को कंपनी के सुरक्षा प्रमुख का फुफेरा भाई बताया। सुनीता ने आरोपियों के खिलाफ ट्रांजिट कैंप थाने में तहरीर देकर कॉल डिटेल और धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है। उनका कहना है कि आरोपी नशेड़ी और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिन्होंने उनके खिलाफ 1.55 लाख रुपये की सुपारी लेने की बात भी कही। गुरुवार को इंकलाबी मजदूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र समेत कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर महिला आयोग को भी ज्ञापन भेजने की बात कही।श्रमिक संगठनों ने प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और महिला सुरक्षा करने की मांग की है। धरने में दिनेश चन्द्र, रविंदर कौर, शिवदेव सिंह, पूजा, पिंकी, सुनील कुमार, शीतल सक्सेना, दुर्गा प्रसाद, गंगा प्रकाश, प्रेमपाल, रामश्री, सावित्री देवी सहित बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल रहे।




