जसपुर। अमियावाला गाँव में हुई दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। लेकिन पुलिस की पैनी नज़र और वैज्ञानिक जांच ने आरोपी को बचने नहीं दिया।
घटना 16 सितंबर की शाम की है, जब बच्ची गन्ने का छिलका लेने घर से निकली थी। गाँव का ही युवक राजीव पुत्र मोहन सिंह (20 वर्ष) उसकी हरकतों पर नज़र रखे था। मौका पाकर उसने बच्ची को खेत में खींचकर दुष्कर्म किया और पहचान उजागर होने के डर से बेरहमी से हत्या कर दी। शव घर से मात्र 150 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला।
ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया। मृतका की माँ की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मणिकान्त मिश्रा ने 10 टीमों का गठन कर खुलासे के आदेश दिए। डॉग स्क्वॉड “टाइगर” घटनास्थल से सीधे आरोपी के घर पहुँचा और उसके कपड़ों पर इशारा किया। खास बात यह रही कि आरोपी ने अपने दोस्तों से कहा था कि खेत से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी, जबकि दूरी इतनी थी कि आवाज सुनाई देना असंभव था। यह पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ।
सघन पूछताछ में आरोपी टूट गया और अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर खून से सना ब्लेड, खून आलूदा कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि राजीव पर पूर्व में भी मुकदमा दर्ज है और वह आपराधिक प्रवृत्ति का युवक है।
चौकी इंचार्ज धर्मपुर उपनिरीक्षक के.सी. आर्य व विवेचक रुचिका चौहान सहित पुलिस टीम ने महज़ 12 घंटे में सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष की लहर है और पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।




