रुद्रपुर। गदरपुर क्षेत्र में दस साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार आर्य ने शुक्रवार को आरोपी दीपक मेहता को पांच वर्ष का कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 सितंबर 2014 की रात गुलरभोज नई बस्ती निवासी कृतपाल सिंह और उनकी पत्नी कमलेश अपने पड़ोसी दीपक मेहता से बेटे के बारे में पूछताछ करने गए थे। नशे में धुत्त दीपक ने गाली-गलौज करते हुए तलवार और लोहे की रॉड से दोनों पर हमला कर दिया।
हमले में कृतपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और दाहिनी आंख की हड्डी टूट गई और बायीं आंख की रोशनी चली गई। दोनों को पहले गदरपुर, फिर रुद्रपुर और अंततः हल्द्वानी के बॉम्बे अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने सात गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर अदालत ने दीपक मेहता को धारा 323, 324, 325 और 326 आईपीसी के तहत दोषी पाया।
कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये घायल कृतपाल सिंह को मुआवजा स्वरूप दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि राजकोष में जमा होगी।




