एटीएम गार्ड हत्या मामला: सबूतों के अभाव में तीनों आरोपी बरी, कोर्ट का बड़ा फैसला

उधम सिंह नगर जिले में साल 2015 में हुए एटीएम गार्ड हत्याकांड में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सबूतों की कमी के चलते अदालत ने गुरप्रीत सिंह, हरविन्दर सिंह और पलविन्दर सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह फैसला तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने सुनाया।

क्या था मामला?

3 अगस्त 2015 को रुद्रपुर के आलू फार्म इलाके में स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड शिवचरण शर्मा की हत्या कर दी गई थी।

सुबह उनके बेटे सतीश कुमार शर्मा ने एटीएम के पास खून से लथपथ पिता की लाश देखी और पुलिस को सूचना दी। एटीएम मशीन को तोड़ने की भी कोशिश की गई थी, जिससे लूट की कोशिश का भी अंदेशा था।

पुलिस जांच:

पुलिस ने हत्या और लूट के प्रयास में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।

सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना पर 13 अगस्त 2015 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, उनके पास से तमंचा, कारतूस, लोहे की रॉड और कपड़े बरामद किए गए थे, जिनका इस्तेमाल वारदात में होने का दावा किया गया।

कोर्ट का फैसला:

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सका।

अहम गवाहों की गवाही भी अभियोजन के दावे के समर्थन में नहीं रही।

ऐसे में अदालत ने तीनों को संदेह का लाभ देते हुए हत्या और लूट की कोशिश के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

🔸 पलविन्दर सिंह को अवैध हथियार रखने के आरोप से भी बरी कर दिया गया।

🔸 गुरप्रीत सिंह को बिना वैध कागजों के वाहन चलाने के आरोप से भी दोषमुक्त किया गया।