जिला न्यायालय में 13 सितम्बर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वर्षों से लंबित मामलों को निपटाने के लिए बड़े पैमाने पर सुनवाई की गई। जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता में हुई इस लोक अदालत में कुल 21 पीठों का गठन किया गया, जिनमें विभिन्न प्रकार के मुकदमों को रेफर किया गया। लोक अदालत में 4439 अपीलकर्ताओं के मामलों का निस्तारण हुआ, वहीं 13 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई।
प्री-लिटिगेशन यानी अदालत में दाखिल होने से पूर्व के मामलों पर भी सुनवाई की गई। इनमें से 692 मामलों को लोक अदालत में निपटाया गया और 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल की गई। इस प्रकार कुल मिलाकर 18 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई, जो जिले में आयोजित लोक अदालत की बड़ी उपलब्धि रही।
लोक अदालत का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेन्द्र कुमार सागर द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखंड नैनीताल के निर्देशन पर समय-समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। ऐसे प्रयासों से अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम होता है और वादकारियों को त्वरित न्याय मिल पाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के इस सफल आयोजन से बड़ी संख्या में वादकारियों को राहत मिली। लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और समझौते के जरिए समाधान ने न्यायपालिका के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत किया। जिला न्यायालय में हुई यह पहल न केवल समय और धन की बचत साबित हुई बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को सहज और सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी रही।




